कॉन्सेप्ट इमेज.

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13 नवंबर को धरती के नजदी करीब 386 किमी की दूरी से एक उल्कापिंड गुजरा. लेकिन किसी भी वैज्ञानिक को इसकी भनक तक नहीं लगी. डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह उल्कापिंड जिसका नाम ‘2020VT4’ रखा गया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 21, 2020, 5:42 PM IST

वाशिंगटन. बस के आकार एक उल्कापिंड पृथ्वी के करीब से निकल गया और वैज्ञानिकों तक भनक तक नहीं लगी. इस उल्कापिंड का आकार लंदन की किसी बस के बराबर बताया जा रहा है. यह दिवाली से एक दिन पहले 13 नवंबर को धरती के बेहद नजदीक करीब 386 किमी की दूरी से गुजरा था. धरती के इतने करीब से गुजरने के बाद भी वैज्ञानिकों को भनक तक नहीं लगी. वैज्ञानिकों को उल्कापिंड के धरती के इतने करीब से गुजरने का पता करीब 15 घंटे बाद चला. डेली मेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह उल्कापिंड जिसका नाम ‘2020VT4’ रखा गया है. इसी के साथ यह धरती के सबसे करीब से गुजरने वाला उल्कापिंड भी बना गया है.

खगोलविदों की माने तो इस उल्कापिंड का आकार 5 से 10 मीटर चौड़ा हो सकता है, इसकी चमक से वैज्ञानिकों ने यह अनुमान लगाया है. वैज्ञानिक ने अनुमान लगाया है कि दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के वातावरण में जल गया होगा.

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खगोलविदों की मानें तो अगर यह उल्कापिंड धरती से टकराता तो उसके वातावरण में ही पूरी तरह से नष्ट हो जाता है. हालांकि खगोलविदों की मानें तो इससे धरती पर रहने वालों के लिए कोई खतरा नहीं होता.

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