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मुंबई23 मिनट पहले

  • मार्च 2018 में इक्विटी होल्डिंग की वैल्यू 84 अरब डॉलर थी। सितंबर तिमाही में 77 अरब डॉलर रही है
  • मार्च 2019 में मार्केट कैप 1.8 लाख करोड़ डॉलर था। LIC की हिस्सेदारी की वैल्यू 81 अरब डॉलर थी

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी और शेयर बाजार की निवेशक भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की इक्विटी होल्डिंग की कीमतों में कमी आई है। मार्च 2018 में इसकी इक्विटी होल्डिंग की वैल्यू 84 अरब डॉलर थी। यह घट कर इस साल की सितंबर तिमाही में 77 अरब डॉलर (5.7 लाख करोड़ रुपए) हो गई है। मार्च 2018 की इसकी होल्डिंग अब तक की सबसे हाइएस्ट लेवल की होल्डिंग थी।

सालाना 3 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश

बता दें कि एलआईसी शेयर बाजार के साथ सरकारी प्रतिभूतियों और डेट सिक्योरिटीज में सालाना 3 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करती है। इस साल इसने कोरोना की वजह से शेयरों में अच्छी कमाई की है। हालांकि साल की पहली तिमाही में इसकी वैल्यू में भारी गिरावट जरूर आई थी, पर तीसरी तिमाही में अभी तक जिस तरह से बाजार में तेजी रही है, उससे इसकी वैल्यू में बेतहाशा बढ़त हुई होगी।

मार्च 2000 में 4 अरब डॉलर की होल्डिंग

कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2000 की तिमाही में LIC की इक्विटी होल्डिंग महज 4 अरब डॉलर की थी। तब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का मार्केट कैपिटलाइजेशन केवल 102 अरब डॉलर था। मार्च 2010 में LIC की इक्विटी होल्डिंग वैल्यू बढ़कर 59 अरब डॉलर हो गई थी। जबकि मार्केट कैपिटलाइजेशन इसी समय 1.14 लाख करोड़ डॉलर हो गया था।

लगातार बढ़ रहा है एलआईसी का निवेश

आंकड़े बताते हैं कि तब से लगातार LIC का निवेश बढ़ता रहा है। यह दो साल पहले 84 अरब डॉलर हो गया था। तब मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ डॉलर था। मार्च 2019 में मार्केट कैप 1.8 लाख करोड़ डॉलर था और LIC की हिस्सेदारी की वैल्यू 81 अरब डॉलर थी। अब जबकि दूसरी तिमाही में मार्केट कैप 1.77 लाख करोड़ डॉलर रहा है तो LIC की होल्डिंग की कीमत घटकर 77 अरब डॉलर हो गई है।

विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ी

दूसरी तिमाही के अंत में विदेशी निवेशकों की होल्डिंग (ADR और GDR के साथ) बीएसई 200 इंडेक्स में बढ़कर 415 अरब डॉलर हो गई थी। यह पहली तिमाही में 360 अरब डॉलर रही है। BSE 200 इंडेक्स में कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन की हिस्सेदारी करीबन 84 पर्सेंट रही है। सितंबर तिमाही के दौरान विदेशी निवेशकों ने कुल 46 हजार 900 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इससे BSE 200 इंडेक्स में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 23.3 पर्सेंट हो गई है।

बीएसई-200 में घटी घरेलू निवेशकों की होल्डिंग

BSE 200 इंडेक्स में घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी दूसरी तिमाही में घटकर 13.6 पर्सेंट हो गई है। पहली तिमाही में यह 14 पर्सेंट थी। ऐसा इसलिए क्योंकि बाजार की बढ़त में लगातार घरेलू निवेशक शेयरों की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान 63 हजार 500 करोड़ रुपए के शेयर अप्रैल से बेचे हैं। एक अक्टूबर से 4 दिसंबर के दौरान बाजार में 13 पर्सेंट की तेजी आई है।

बीएसई सेंसेक्स ऐतिहासिक स्तर पर

BSE सेंसेक्स 45 हजार 200 के पार कारोबार कर रहा है। एलआईसी की होल्डिंग की वैल्यू इस दौरान बढ़ी है। ऐसा अनुमान है कि इसके पोर्टफोलियो की वैल्यू करीबन 87 अरब डॉलर के पार होगी, जो अब तक रिकॉर्ड है। वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही के दौरान LIC होल्डिंग की वैल्यू करीबन 40 पर्सेंट या 22 अरब डॉलर बढ़ी है। अप्रैल से अब तक LIC ने 55 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश इक्विटी बाजार में किया है। एक साल पहले यह 32 हजार 800 करोड़ रुपए था।

इन शेयरों में बढ़ाई होल्डिंग

जुलाई-सितंबर के दौरान LIC ने जिन शेयरों में अपनी होल्डिंग बढ़ाई है उसमें यस बैंक, एचडीएफसी एएमसी, महानगर गैस, रामको सिमेंट, कंटेनर कॉर्पोरेशन, अल्केम लैब आदि रहे हैं। जिन कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई है उसमें बैंक ऑफ बड़ौदा, डॉ. रेड्‌डीज लैब, सिप्ला, जीएमआर इंफ्रा आदि रहे हैं।

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